Chandauli News:30 हजार का मोबाइल फोन लौटने वाले आरक्षियों को एसपी आकाश पटेल ने किया सम्मानित 

स्टेट हाईवे पर मिला था युवती का फोन, आधार कार्ड से संपर्क कर लौटाया, ईमानदारी कर्तव्य निष्ठा और मानवीय संवेदना की हुई सराहना

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चंदौली। ड्यूटी के दौरान सड़क पर मिले महंगे मोबाइल को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने वाले चंदौली पुलिस के दो आरक्षियों की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सराहना की है।स्टेट हाईवे-चंदौली पर ड्यूटी के दौरान आरक्षियों को एक मोबाइल फोन गिरा हुआ मिला था।
जांच करने पर मोबाइल की कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई।आरक्षियों ने मोबाइल को अपने पास सुरक्षित रखने के साथ उसके वास्तविक स्वामी की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।मोबाइल में उपलब्ध आधार कार्ड से मिली जानकारी के आधार पर स्वामिनी से संपर्क स्थापित किया गया।इसके बाद मोबाइल फोन को सुरक्षित रूप से उसकी स्वामिनी को वापस कर दिया गया।
मोबाइल वापस मिलने पर स्वामिनी ने प्रसन्नता जताते हुए पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

पुलिसकर्मियों के इस कार्य की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने भी उनकी सराहना की।उन्होंने आरक्षी सत्येंद्र यादव और आरक्षी धीरेंद्र यादव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों का यह कार्य ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, सजगता और मानवीय संवेदना का परिचायक है।उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आमजन की मदद करना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।गिरे हुए मोबाइल को उसके वास्तविक स्वामी तक पहुंचाकर दोनों आरक्षियों ने पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत किया है।एसपी आकाश पटेल ने कहा कि ऐसे कार्य अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी अनुकरणीय हैं।पुलिसकर्मियों की ईमानदारी और संवेदनशील व्यवहार से आमजन में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ता है।उन्होंने दोनों आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी इसी तरह अपने कर्तव्यों और दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करते रहेंगे।

प्रशस्ति पत्र में भी आरक्षियों की तत्परता एवं संवेदनशीलता की विशेष रूप से सराहना की गई है।इसमें कहा गया कि मोबाइल को सुरक्षित रूप से उसकी स्वामिनी को वापस करना जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।साथ ही उनकी ईमानदारी को पुलिस विभाग की जनविश्वसनीयता मजबूत करने वाला कदम बताया गया है।एसपी की ओर से सम्मान मिलने के बाद दोनों आरक्षियों का उत्साह बढ़ा है।पुलिस विभाग में भी उनके इस कार्य की सराहना की जा रही है।दोनों आरक्षियों ने साबित किया कि वर्दी की पहचान सिर्फ कार्रवाई से नहीं, बल्कि ईमानदारी और इंसानियत से भी होती है।